फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने आज साल 2020-21 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए कहा कि देश में Foreign direct investment (FDI) 2014-19 के दौरान बढ़कर 284 अरब डॉलर हो गया है जिससे बिजनेस को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि इंडिया का FDI 2009-14 तक 190 अरब डॉलर से बढ़कर 2014-19 तक में 284 अरब डॉलर के स्तर को छू गया। उन्होंने कहा कि करेंट फिस्कल ईयर की पहली छमाही के दौरान foreign inflows 15 फीसदी से बढ़कर 26 बिलियन अरब हो गया है।
ज्यादातर foreign inflows को खीचनेमें वाले सेक्टर में कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर, और हार्डवेयर, टेलीकम्युनिकेशन, ऑटोमोबाइल और ट्रेडिंग शामिल हैं।
8 अरब डॉलर के निवेश के साथ फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही क दौरान सिंगापुर भारत का सबसे बड़ा सोर्स रहा है। इसके बाद मॉरिसस, अमेरिका, नीदरलैंड और जापान का स्थान रहा।
देश के बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में सुधार के लिए बड़े निवेश की जरूरत होती है। इसलिए FDI देश के लिए बेहत महत्वपूर्ण है।
पिछले साल सरकार ने ब्रांड रिटेल, ट्रेडंग, कोयला खनन, और कॉनट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग क मानदंड़ों में ढील दी है।
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